रविवार को रियाज़ में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि नया गठजोड़ नेटो की तरह होगा जिसका लक्ष्य पश्चिम एशिया को बाहरी आक्रमणकारी से बचाना है।
उन्होंने रियाज़ में फ़ार्स खाड़ी सहयोग परिषद की वार्षिक बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहाः " इस बारे में अमरीका और फ़ार्स खाड़ी के देशों के बीच बातचीत चल रही है और विचार सामने आ रहे हैं।"
आदिल अलजुबैर ने कहाः "इसका लक्ष्य पश्चिम एशिया में सुरक्षा व्यवस्था क़ायम करना है जिससे क्षेत्र की विदेशी आक्रमणकारियों से रक्षा हो सकती है और क्षेत्र के देशों और अमरीका के बीच संबंध मज़बूत करना है।"
वरिष्ठ सऊदी कूटनयिक ने कहा कि इस समझौते में मिस्र भी सदस्य होगा और इसे पश्चिम एशिया रणनैतिक घटक एमईएसए कहा जाएगा।
सऊदी विदेश मंत्री के इस बयान से महीनों पहले मीडिया में आयी उन रिपोर्टों की पुष्टि हो गयी जिनमें नेटो की तर्ज़ पर अरब नेटो के गठन पर रियाज़-वॉशिंग्टन के बीच बातचीत होने का उल्लेख था जिससे पश्चिम एशियाई क्षेत्र में इस्राईल के हितों की भी सेवा होगी।
अमरीका के फ़ार्स खाड़ी के मामलों के विदेश सचिव टिम लेन्डरकिंग ने रविवार को क्षेत्र का दौरा किया ताकि अरब देशों को नेताओं को इस योजना के लिए तय्यार करें।